गुरुवार, 6 मई 2010

नेताओं की टी आर पी

सामान्य पाठकों के लिए टी आर पी का मतलब टी वी रेटिंग प्वान्ट होता है और इसको नापने का पैमाना यही है की किसी भी कार्यक्रम को कितने दर्शक देख रहें हैं.कार्यक्रम जितना ज्यादा लोकप्रिय होगा उसकी टीआरपी भी उतनी ही ज्यादा होगी .सोचिये यदि हमारे नेताओं अर्थात सांसदों और मंत्रिओं की भी संसद में उनकी भागेदारी को लेकर टीआरपी भी नापी जाने लगे और इसके लिए पैमाना टेली विजन वाला ही रखा जाये तो क्या स्थिति होगी ? जो नेता दूरदर्शन और निजी समाचार चैनलों पर जितना ज्यादा दिखेगा उसकी टी आर पी भी उतनी ही ज्यादा होगी....यदि ऐसा हो गया तो अभी तक लोकसभा के बेल (कुआं नहीं ,वहां तो वे जनता को गिराते हैं) में जाकर हंगामा करने वाले सांसदों की तो लाटरी ही लग जाएगी.कुछ यही हाल बात बात पर गला फाड़कर चिल्लाने वाले नेताओं का होगा .सबसे अच्छी टीआरपी पाने की होड़ में हमारे नेता संसद का और भी वक्त बर्बाद करने लगेंगे और आम जनता के गाढे पसीने की कमाई इसी तरह लुटती रहेगी .मज़ा तो तब आयेगा जब एस टी आर पी के आधार पर "एड देने लगें तब तो हंगामे के कमाई का नया रास्ता ही खुल जायेगा .संसद की हुल्लड़ ब्रिगेड के मुखिया लालू प्रसाद तो एड से रचे बसे नज़र आयेंगे .उनके सीने पर अडिदास का लोगो होगा तो बाजू पर नाएके और पीठ पर हल्दीराम या पेप्सी -कोक जैसी किसी कम्पनी का ठप्पा लगा नज़र आएगा .मुलायम सिंह की समाजवादी लाल टोपी पर भी गोदरेज या वीडियोकोन के रंग दिखाई देंगे .रामविलास पासवान ,रघुवंश प्रताप सिंह ,मणि शंकर अय्यर ,चाचाजी(अभिषेक बच्चन के) अमर सिंह,अनंत कुमार जैसे तमाम चिल्लपों वीर वेतन से ज्यादा एड से कमा रहें होंगे .इसी तरह सुषमा स्वराज ,ममता बनर्जी ,मेनका गाँधी की साड़ियाँ भी अलग अलग कम्पनी का प्रचार करती दिखाई देंगी .नेताओं में अपनी अपनी टी आर पी बढ़ाने की होड़ मच जाएगी और फिर संसद का हाल क्या होगा इसका तो भगवान ही मालिक होगा? जूते-चप्पल चलना आम बात हो जायेगा क्योंकि जो जितना विवादित होगा उसकी टी आर पी भी उतनी ही ज्यादा होती जायगी और एड से कमाई भी .तो फिर तैयार रहिये भारतीय राजनीति की इस नई नौटंकी को देखने के लिए ......

8 टिप्‍पणियां:

  1. शर्मा साहब, एक अच्छे और सच्चे पोस्ट के लिए बधाई, दरअसल नेतागिरी में आजकल इन्वेस्टमेंट कुछ ज्यादा ही हो जाता है, सो प्रोफिट पाने के लिए ये सब तो सोचना ही पड़ता है, सभी नेता अपनी ब्रांडिंग के लिए पी आर कंपनियों का सहारा ले रहे है, बहरहाल अच्छा पोस्ट........

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  2. mazedaar kalpnaa, raajneeti kaa haal yahi hai aur yahi haal rahaa to praayojit hone men der nahin lagegi.

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  3. जुगाली पर नेता टीआरपी पुराण मस्‍त रहा.


    धन्‍यवाद भाई.

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  4. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  5. क्या चित्र में सूखी-सर्री गौमाता जुगाली करने योग्य है, या जुगाली के लिये कुछ है उसके पास?-----हेप्पी मदर्स डे.

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  6. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

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