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पूर्वोत्तर में एचआईवी-एड्स: इलाज से ज्यादा प्रभावी है जागरूक मीडिया

देश में एड्स और एचआईवी के मसले पर चर्चा हो और पूर्वोत्तर के राज्यों का जिक्र न हो तो यह बात अधूरी रहेगी क्योंकि यहाँ के कुछ राज्य एचआईवी संक्रमण के मामले सर्वाधिक ज़ोखिम वाली श्रेणी में हैं. हालाँकि, पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा राज्य असम यहाँ के अन्य राज्यों की तुलना में इस बीमारी के फैलाव के लिहाज से काफी पीछे है लेकिन फिर भी पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार या गेटवे होने के कारण जोख़िम के मुहाने पर तो है ही. इसलिए जागरूक मीडिया की भूमिका यहाँ काफी अहम् हो जाती है. खासतौर पर सरकारी और पारंपरिक मीडिया इस बीमारी के प्रति आम लोगों को सावधान एवं सतर्क करने में महत्वपूर्व साबित हो सकता है. इन दिनों पूर्वोत्तर में सबसे बड़ी चिंता भी यही है कि अब तक एचआईवी संक्रमण के मामले में सुरक्षित माने जा रहे राज्य असम में भी अब यह बीमारी धीरे धीरे अपने पैर फैला रही है और वह भी तब जब, एक ओर जहाँ एड्स के सर्वाधिक मामले वाले राज्यों जैसे मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में संक्रमण कम हो रहा है वहीँ असम में संक्रमण बढ़ रहा हैं. आलम यह है कि असम और इसके पडोसी राज्य त्रिपुरा का नाम अब पूर्वोत्तर के सर्वाधिक जोख़िम वाले राज