सेल्यूलर जेल: खूबसूरत भवन की निर्मम और दर्दनाक दास्तां..!!
विशाल फूल की सात आकर्षक पंखुड़ियां कहो या घड़ी के कांटे या साइकिल के पहिए की तर्ज पर सीधी और चक्र की भांति घूमती हुई सात कतारों से बनी इमारत.. जो वास्तुकला का उत्कृष्ट एवं बेजोड़ नमूना है। न उस समय देश में इतनी आकर्षक कोई इमारत थी और न ही आज है। यह इमारत कुछ इस तरह बनी है कि यहां कभी रहने वाले छह सौ से ज्यादा लोग एक दूसरे से बात करना तो दूर परस्पर देख भी नहीं सकते थे। वे, बस अपने मन की आंखों से यह महसूस कर सकते थे कि उनके आसपास भी उनके ही जैसे लोग मौजूद हैं। लेकिन इन सैकड़ों लोगों पर नज़र रखने के लिए महज एक ही पहरेदार की जरूरत पड़ती थी और वह इमारत के बीचों बीच बैठकर सातों विंग की बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के निगरानी रखता था। कभी इस इमारत की खूबसूरती बढ़ाने वाली लाल ईंटे आज रक्त रंजित दिखाई पड़ती हैं। ऐसा लगता है जैसे खून से रंगी ये दीवारें चीख चीखकर निर्मम यातना के पीड़ादायक किस्से सुना रहीं हैं और इस इमारत के परिसर में मौजूद पीपल का वृक्ष इन भयावह किस्सों की गवाही दे रहा है। हम बात कर रहे हैं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर (अब श्री विजयपुरम) में स्थित सेल्यू...