क्या आपने कभी देखें..!! है नमक के खेत..!!
चने के खेत, गेहूं के खेत, गन्ने के खेत..तो हम सभी ने खूब देखें हैं और सरसों के खेत यश चोपड़ा की फिल्मों का प्रमुख आकर्षण रहा है। सरसों के खेत इतने रोमांटिक हो सकते हैं ये हमें ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी फिल्मों से ही पता चला है क्योंकि हम तो फिल्म ‘अंजाम’ के गीत ‘जोरा जोरी चने के खेत में..’ या फिल्म ‘तराजू’ के गाने ‘चल गन्ने के खेत में अप्पा काहे शर्माए रे..’ जैसे गीतों से बेचारे खेतों का चरित्र समझते रहे हैं। खैर, यहां हम खेतों का चरित्र चित्रण नहीं कर रहे बल्कि आपको एक ऐसे खेत से मिलवाना चाहते हैं जिसके बारे आप में से कई लोगों ने शायद सुना भी नहीं होगा। मुझे भी, इनके बारे में देखने के बाद ही पता चला। हम बात कर रहे हैं ‘नमक के खेत’ की…जी हां, सही सुना आपने नमक के खेत। नमक का दारोगा, नमक हलाल और नमक हराम के बाद नमक के खेत..बिल्कुल हमारे गांवों के खेतों की तरह, बस फर्क यह है कि इनमें गेहूं-चना नहीं नमक होता है। हाल ही में, सोमनाथ की यात्रा के दौरान जब हम सड़क मार्ग से अहमदाबाद आ रहे थे तो गुजरात के शानदार हाईवे से गुजरते हुए भावनगर के आसपास हमें सफेदी से भरे खेत नजर आए..खे...