इस बरफी को खाने की गलती मत करना, वरना..!!
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि महज कुछ हजार की आबादी वाले एक कस्बाई शहर की एक साधारण सी मिठाई के लिए सुबह से लाइन लगती होगी और लाइन भी ऐसी की बाकायदा पुलिस लगानी पड़े!! इसके बाद भी जरूरी नहीं है कि आपके हाथ मनचाही मात्रा में मिठाई हाथ लग जाए ।..और मिठाई भी कोई अनोखी नहीं बल्कि बेसन की बरफी..जी हां, वही बेसन की बरफी जो हर गली-मोहल्ले की मिठाई की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। बेसन की बरफी राजस्थान एवं गुजरात में मोहनथाल व दिलखुशाल तो कुछ राज्यों में बेसन चक्की के नाम से जानी जाती है। यह दिल्ली से लेकर उत्तरप्रदेश तक तथा राजस्थान से लेकर मध्यप्रदेश तक लोकप्रिय है। वही बेसन की बरफी, जो भारत में हर शादी-विवाह, तीज-त्यौहार एवं हर छोटे-बड़े अवसर पर घर-घर में आमतौर पर बनती है और शायद सोन पापड़ी के बाद नई पीढ़ी द्वारा सबसे ज्यादा हिकारत से देखी/खाई जाती है। लेकिन, इस कस्बे की बेसन की बरफी के स्वाद का जादू ऐसा है कि दिन भर में एक क्विंटल मतलब सौ-डेढ़ सौ किलो से ज्यादा बरफी बिक जाना सामान्य बात है जबकि खास अवसरों पर दो-तीन सौ किलो बरफी लोग खा जाते हैं। इस बेसन की बरफी का प्रताप ...