गुरु पूर्णिमा विशेष: जब हर जेब में ‘ज्ञान’ है, तब ‘गुरु’ का क्या होगा!!
आज हर जेब में ज्ञान का भंडार है। एक समय वह था जब ज्ञान तक पहुँचने के लिए शिष्य को गुरु के पास जाना पड़ता था। अब समय ऐसा आ गया है कि मोबाइल के जरिए ज्ञान हर जेब तक पहुंच गया है। एक क्लिक पर लाखों पुस्तकें उपलब्ध हैं, हजारों व्याख्यान हैं, अनगिनत वीडियो हैं, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तो हर सवाल का उत्तर चुटकियों में देने को तैयार है। कुल मिलाकर इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक विशाल डिजिटल पुस्तकालय में बदल दिया है। ऐसे समय में प्रश्न उठता है कि क्या अब गुरु की आवश्यकता समाप्त हो रही है? गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें इसी प्रश्न का सबसे सार्थक उत्तर देता है। दरअसल, ज्ञान और गुरु कभी एक-दूसरे के विकल्प नहीं रहे। ज्ञान सूचना दे सकता है, लेकिन गुरु दृष्टि देता है। इंटरनेट तथ्यों का महासागर है, लेकिन उस महासागर में कौन-सा मोती चुनना है, यह विवेक गुरु ही सिखाता है। आज की जेन जी (Gen Z) दुनिया की सबसे अधिक डिजिटल पीढ़ी है। उसके लिए मोबाइल सिर्फ़ फोन नहीं, बल्कि स्कूल, लाइब्रेरी, सिनेमा, बैंक, बाज़ार और मित्र सब कुछ है। वह किसी भी विषय पर कुछ ही सेकंड में जानकारी जुटा सकती है। लेकिन इस पीढ़ी के...