विदाई से पुनर्मिलन तक का एक साल: वही जगह/वही साथी/वही तारीख…अद्भुत
27 जून 2025…आकाशवाणी भोपाल के हमारे ग्रुप ‘न्यूजरूम’ में उस दिन हल्की सी उदासी और ढेर सारा प्यार था। कारण यह था कि बीते सात वर्षों से रोज़ की खबरों की दुनिया में मेरे मेरे अभिन्न साथी मुझे विदाई दे रहे थे। दरअसल,माइक, हेडफोन, न्यूज डेस्क और उन अनगिनत यादों को पीछे छोड़कर मेरा तबादला पीआईबी शिमला हो गया था।
उस दिन भोपाल के एमपी नगर में ‘जश्न ए पैराडाइज’ होटल में विदाई- सह - मेलमिलाप कार्यक्रम रखा गया था। हँसी-मज़ाक के बीच हमारी आँखें नम हो रही थीं। भोपाल ने मुझे बहुत कुछ दिया था — अनुभव, दोस्ती, न्यूजरूम परिवार और आकाशवाणी की वह गर्मजोशी, जो कभी नहीं भूली जा सकती।
ठीक एक साल बाद, 27 जून 2026 को वही तारीख, वही होटल जश्न ए पैराडाइज। इस बार माहौल पूरी तरह उत्साह से भरा था। आकाशवाणी भोपाल के न्यूजरूम के साथी फिर से एकत्र हुए । वही, हमारा गैट टूगेदर का कार्यक्रम था। पुरानी यादें ताज़ा हुईं, हँसी के ठहाके गूँजे और हमारी खबरों की दुनिया के रोचक किस्से दोहराए गए। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि जिस दिन विदाई हुई थी, उसी दिन एक साल बाद पुनर्मिलन हो गया.. यह संयोग कितना अद्भुत है ।
इस एक साल में बहुत कुछ बदल गया था लेकिन भोपाल की हमारी टीम नहीं बदली। वही गर्मजोशी,अपनापन,हंसी मजाक,उत्साह और स्नेह। तबादले के लिहाज से देखें तो 30 जून 2025 को ज्वाइन करने के बाद पीआईबी शिमला ने मुझे नया आयाम दिया। हिमालय की गोद में बसा शिमला शहर और प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) का माहौल पूरी तरह अलग, लेकिन उतना ही सम्मानजनक और चुनौतीपूर्ण है।
भोपाल की गर्म हवाओं से शिमला की ठंडी हवाओं तक का सफर मेरे लिए सीखने, अनुकूलन करने और नई ऊर्जा पाने का सफर है। आकाशवाणी में जहाँ हम खबरों को आवाज़ देते थे, वहीं पीआईबी में खबरों को देश/प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी है। दोनों जगहों ने मुझे लगातार समृद्ध किया है।
भोपाल और शिमला.. दो शहर, दो बिल्कुल अलग रंग जैसे हमारा भोपाल झीलों का शहर है, जहाँ आकाशवाणी का न्यूजरूम हमेशा सक्रिय रहता था। वहाँ की मिट्टी में अपनापन है और दोस्ती में स्थिरता । वहीं, शिमला देवदार और बर्फीली चोटियों का शहर है। यहां पीआईबी का कार्यालय राष्ट्र की सूचना यात्रा का अटूट हिस्सा है। यहाँ की शांति में भी गति है और ठंड में भी ऊर्जा ।
आकाशवाणी एवं पीआईबी दोनों संस्थाएँ अलग हैं, लेकिन मकसद एक ही है यानि जनता तक सही और समय पर सूचना पहुँचाना। आकाशवाणी भोपाल ने मुझे संवेदनशील रिपोर्टर बनाया, तो पीआईबी शिमला ने मुझे व्यापक दृष्टिकोण दिया। 27 जून 2026 के उस गैट टूगेदर में लगा कि जीवन में तबादले सिर्फ़ जगह नहीं, नज़रिया भी बदलते हैं। भोपाल के पुराने साथी आज भी उतनी ही गर्माहट एवं अपनापन दिखा रहे हैं जबकि शिमला के नए साथी भी अब परिवार जैसे लगने लगे हैं।
आज जब मैं दोनों जगहों को याद करता हूँ, तो मन में सिर्फ़ कृतज्ञता है। भोपाल ने मुझे तैयार किया, शिमला ने मुझे नई उड़ान दी। विदाई की वह शाम और पुनर्मिलन की दोपहर.. दोनों मेरी ज़िंदगी की अनमोल स्मृतियाँ बन गई हैं। यह सफर जारी है…नई चुनौतियों, नई यादों और नई उपलब्धियों के साथ। धन्यवाद आकाशवाणी भोपाल..धन्यवाद पीआईबी शिमला और धन्यवाद उन सभी दोस्तों/साथियों का, जो तबादले के बाद भी नहीं बदले । हम जल्दी ही फिर किसी पैराडाइज में जश्न करेंगे…वह भी कुछ और नई कहानियों के साथ, तब तक सोशल मीडिया है न😍।
आकाशवाणी भोपाल #NewsUpdate #PIB #gettogether


Heart touching abhivyakti
जवाब देंहटाएंजानदार।
जवाब देंहटाएं