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दोनों हाथ नहीं, फिर भी किया मतदान...!!!


दोनों हाथ न होने के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और एक-एक वोट का महत्व समझते हुए मप्र में संस्कारधानी के नाम से मशहूर जबलपुर की एक बेटी ने अपने संस्कारों से न केवल शहर का नाम रोशन कर दिया बल्कि हम जैसे हाथ-आँख-कान वाले लोगों को लोकतंत्र के महापर्व का महत्त्व भी समझा दिया।
लोकतंत्र की सच्ची पहरेदार बिटिया भवानी ने दोनों हाथ नहीं होने के बाद भी मतदान कर एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
ज़ाहिर है यह हमारे लोकतंत्र का सुखद, अविस्मरणीय और खूबसूरत पहलू है। जबलपुर के श्री राम इंजीनियरिंग कालेज की छात्रा भवानी यादव, जिसके दोनों हाथ नहीं है, ने आज अपनी माँ के साथ अन्जुमन स्कूल के पोलिंग बूथ में पहुँचकर मतदान किया। जहां पीठासीन अधिकारी ने तमाम सरकारी औपचारिकताओं को पीछे छोड़कर जमीन पर बैठ कर भवानी के पैर की उंगली में अमिट स्याही का निशान लगा कर ऐसे गर्व की अनुभूति की जो उन्हें ताउम्र अपने इस कार्य के लिए गौरवान्वित करती रहेगी । इसके बाद, अपने नाम को चरितार्थ कर लोकतंत्र की इस दुर्गा (भवानी) ने अपनी पसंद का सांसद चुनने के लिए मां के सहयोग से अपना अमूल्य मतदान किया।
इसे केवल एक चित्र के तौर पर न देखे बल्कि अपने लिए एक सबक/नसीहत और सीख समझे और अपनी नई पीढ़ी को भी दिखाएं-समझाएं कि हमारा लोकतंत्र ऐसी ही वीरांगनाओं के कारण मजबूत हो रहा है,संवर है तो क्यों न हम भी भवानी की ताक़त बने,लोकतंत्र की शक्ति बने और मिल जुलकर ऐसे ही जीवंत लोकतंत्र की नई कहानी के सूत्रधार बने।

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