सरला माहेश्वरी: समाचार प्रसारण के एक युग का अंत..!!


आज, 12 फरवरी 2026 को, भारतीय टेलीविजन इतिहास की एक चमकती हुई शख्सियत, दूरदर्शन की पूर्व समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का निधन हो गया।  71 वर्ष की आयु में उनका यह अवसान न केवल मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि उन लाखों दर्शकों के लिए भी है, जिनके घरों में उनकी शांत, मधुर और स्पष्ट आवाज़ ने समाचारों को विश्वसनीयता का पर्याय बना दिया था।

सरला माहेश्वरी, एक ऐसी महिला जो सादगी, संयम और सटीकता की मिसाल बनीं; जिन्होंने काले-सफेद टेलीविजन से रंगीन युग तक का सफर तय किया और समाचार प्रसारण को गरिमा प्रदान की। 

सरला माहेश्वरी  उस दौर की प्रतिनिधि थी जब महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा और पेशेवर जीवन का संतुलन बनाना आसान नहीं था लेकिन सरला जी ने इसे न केवल संभाला, बल्कि एक मिसाल कायम की। उनकी सादगी और संयमपूर्ण व्यक्तित्व ने उन्हें हमेशा लोगों और अपनी जड़ों से जोड़े रखा ।

दूरदर्शन में उनकी शुरुआत बच्चों के कार्यक्रमों से हुई लेकिन जल्दी ही वे समाचार वाचिका बनकर उस स्थान पर आ गई जो शायद उन्हीं के लिए बना था। यह वह समय था जब भारत का टेलीविजन काले-सफेद से रंगीन युग में प्रवेश कर रहा था। सरला जी ने उस समय के कई अहम घटनाक्रम को अपनी आवाज और अंदाज से स्थायी स्मृतियों में बदल दिया।

सरला माहेश्वरी होने का मतलब था—स्पष्ट हिंदी उच्चारण, शांत मुस्कान और दर्शकों में विश्वास जगाना। वे न केवल समाचार पढ़ती थीं, बल्कि एक युग की सांस्कृतिक पहचान बनीं। आज के चीखते चिल्लाते मीडिया के लिए उनकी संयमपूर्ण शैली एक सबक है। 

सरला माहेश्वरी की यादें अब डिजिटल आर्काइव्स में जीवित रहेंगी, लेकिन उनकी आवाज़ का खालीपन हमेशा महसूस होगा। 

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें…विनम्र श्रद्धांजलि 🙏💐 


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