गोबर 300 रुपए किलो और कंडे 9999 रुपए के..!!
चौंकिए मत और न ही यह तस्वीर देखकर नाक मुंह बनाइए… क्योंकि अब दूध,दही और पनीर से भी महंगा मिल रहा है गोबर.. जी हां, जिस गोबर को आप हम बिना गौमाता या गाय के मालिक की सहमति के मनचाही मात्रा में उठा लाते हैं,वह ऑनलाइन 299 रुपए किलो बिक रहा है।
ऑनलाइन वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर गाय का गीला गोबर इसी दाम पर उपलब्ध है। दरअसल, जब ऑनलाइन वेबसाइट पर दूसरे उत्पाद तलाशते हुए मेरी इस बहुमूल्य और बेशकीमती गोबर पर नज़र गई तब कंपनी ग्राहकों पर मेहरबानी दिखाते हुए 5 फीसदी छूट दे रही थी और यह मात्र 283 रुपए में उपलब्ध था..हालांकि, मजेदार बात यह भी है कि दाम में महज पांच फीसदी की कमी होते ही यह आउट ऑफ स्टॉक हो गया। मतलब, गीले गोबर के कद्रदान कम नहीं हैं।कंपनी का कहना है कि यह गीला गोबर (Wet Cow dunk) धार्मिक कार्यों और बागवानी के लिए सर्वथा उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि आप इसका इस्तेमाल भगवान की पूजा, गणेश चतुर्थी में, हवन में और पेड़ पौधों में बखूबी कर सकते हैं। कंपनी इसे लीक प्रूफ पैक में भेजेगी जिससे यह गीला ही आप तक आए। वैसे, कोई एक नहीं बल्कि तमाम वेबसाइट लगभग इसी कीमत पर गीला गोबर बेच रही है और सभी अपने अपने गोबर के सबसे शुद्ध होने का दावा भी कर रहे हैं।
हालांकि, इंडियामार्ट जैसी साइट गिर गाय का गोबर 30 रुपए किलो की दर पर बेच रही है लेकिन कंपनी 25 किलो से कम गोबर नहीं देती। यह भी करीब 750 रुपए में पड़ेगा। अब पूजा में इतना गोबर तो लगेगा नहीं इसलिए आप इतने गोबर के खुद कंडे बनाओ या पड़ोसियों को बनाने के लिए दो, आपकी मर्जी। जहां तक सूखे गोबर की बात है तो यह खाद के रूप में बहुतायत में और जेब के अनुकूल दाम पर तमाम जगह मिल जाता है लेकिन गीले गोबर के दाम जरूर चौंकाते हैं।आमतौर पर गोबर के कंडे/उपले या काऊ डंक केक तो ऑनलाइन साइट पर बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। कई तो इतने सजावटी आकार प्रकार और पैकिंग में मिलते हैं कि लगता है उन्हें ड्राइंग रूम में सजाने के लिए बेचा जा रहा है…एक सी मोटाई के बिल्कुल गोल,साफ सुथरे कंडे। हालांकि इनकी कीमत में किसी बटर नान से कम नहीं होती।
मसलन पूरी के आकार के खूबसूरत 36 कंडे 249 रुपए में मिल जाएंगे। वैसे, गोबर-कंडे तलाशने की मुहिम में अमेजन पर उपलब्ध कंडों के दाम ने तो समझो डरा ही दिया। यहां 9999 रुपए में 211 कंडे बिक रहे हैं। कंपनी का दावा है कि ये धूप में ही सुखाए गए हैं (जैसे हमारे यहां कंडे ओवन में सूखते हैं), केमिकल फ्री हैं और बहुत देर तक जलते रहते हैं।
कंपनी आम ग्राहकों पर मेहरबानी करते हुए इन्हें फिलहाल 65 फीसदी डिस्काउंट पर मात्र 3499 रुपए में बेच रही है। वैसे, कहीं 71 रुपए का एक कंडा और कहीं चार से छह कंडे के पैक भी अलग अलग कीमतों पर उपलब्ध हैं..कुल मिलाकर, ऑनलाइन वेबसाइट पर कंडों का बाज़ार भरपूर फल फूल रहा है। जैसे जैसे एकल परिवारों, ऑनलाइन पंडित और असुरक्षा का भाव बढ़ रहा है..धार्मिक सामग्री के ऑनलाइन भाव भी बढ़ते जा रहे हैं।
गोबर/कंडे के बढ़ते भाव पर जब मैने एआई से ज्ञान लिया तो उसका कहना है कि ऑनलाइन गीले गोबर और कंडों की मांग बढ़ने के पीछे मुख्य कारण ऑर्गेनिक खेती का ट्रेंड, देश एवं विदेशों में बढ़ती जरूरत, धार्मिक उपयोग, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और कचरे से कमाई का नया मॉडल है।उसके मुताबिक जो चीज पहले बेकार मानी जाती थी, अब वही “ग्रीन गोल्ड” बन गई है।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें