संदेश

छी,हम इंसान हैं या हाड़-मांस से बनी मशीनें

समाज में फैले इन ‘सुपरबगों’ से कैसे बचेंगे...!

आज ‘भारत रत्न’ तो कल शायद ‘परमवीर चक्र’ भी!

क्रिकेट को लेकर यह युद्धोन्माद किसलिए?

सेक्स-रिलेक्स और सक्सेस के बीच मस्ती

आप हुरियारे हैं या हत्यारे!

ब्लॉग पर लगने वाला है प्रतिबन्ध

महिला दिवस नहीं राष्ट्रीय शर्म दिवस मनाइए!

ब्लागिंग में गुटबाजी उचित नहीं:ब्लागर

पपी लव या लव,सेक्स और धोखा.....

काश हम सब भी गब्बर ही होते...