सुकून के साथ सनातन संस्कृति का अनूठा संगम..!!

 


अक्षरधाम, बिड़ला मंदिर की तर्ज पर देवभूमि का मोहन शक्ति हेरिटेज पार्क..सुकून, शांति, सद्भाव और ध्यान का सर्वोत्तम स्थान। प्रकृति की गोद में पहाड़ियों से घिरा हुआ  बेहद शांत, स्वच्छ और निर्मल इलाका।

हवा में गूंजती भजन की मद्धम स्वर लहरी, चारों ओर से झांकते ऊंचे ऊंचे शिखर, धरती पर बिखरे रंग बिरंगे फूल, मनमोहक हवा और मंदिर में सभी देवी देवताओं के साथ विराजी मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा। नवरात्रि पर यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।


मंदिर के द्वार पर सूर्यदेव और पूरे परिसर में तमाम दैविक कथाओं के साथ भूत, पिशाच की भी जीवंत प्रतिमाएं। जैसे मंदिर के प्रवेश द्वार पर सीढ़ियों के दोनों ओर देव और ऋषि की प्रतिमाएं दिखाई देती हैं। यहां भगवान शिव, विष्णु-लक्ष्मी, पंचमुखी हनुमान, शनि देव, नरसिंह अवतार आदि की मूर्तियां भी हैं। यहां तक कि परिसर के पार्क में बनी पशु पक्षी और इंसान की मूर्तियां भी इतनी जीवंत हैं, जैसे अभी बोल पड़ेंगी। आप जहां भी नजर दौड़ाएंगे आपको ऐसी अनेक प्रतिमाएं नजर आती हैं ।


इस राष्ट्रीय धरोहर पार्क में बनी तमाम मूर्तियां ओडिशा, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के मूर्तिकारों की कला से जीवंत हुई हैं।  इस मंदिर सह पार्क का निर्माण भी किसी साधना से कम नहीं था क्योंकि इस पार्क को पूरा होने में 12 साल लग गए। जानकारी के मुताबिक यहां 108 देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। इस परिसर के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आई है।

यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित है और इसे मोहन शक्ति राष्ट्रीय धरोहर पार्क के नाम से जाना जाता है। इस पार्क का शिलान्यास पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल बिहारी वाजपेयी ने 1 दिसंबर 2002 को किया था। सोलन से लगभग 15 किमी और कालका-शिमला हाईवे से 7 किमी दूर हरठ में स्थित 40 एकड़ में फैले इस पार्क को मोहन मीकिन्स लिमिटेड ने बनवाया है। यह कंपनी के मालिक ब्रिगेडियर कपिल मोहन का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है।


इसे उत्तर भारत का पहला ऐसा हेरिटेज पार्क कहा जाता है जो वैदिक विज्ञान और भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करता है। यह नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति के बहुआयामी पहलुओं से भी रूबरू कराता है। यह पार्क भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का उत्सव तो है ही, साथ ही कला, संस्कृति और वास्तुकला का अनूठा संगम भी है।

पार्क की सबसे अच्छी विशेषताओं में साफ सफाई, हरियाली, विशाल पार्किंग, आधुनिक प्रसाधन सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और सुरम्य वातावरण भी  शामिल हैं । पार्क में प्रवेश करते ही हम इसके शांत और सुकून भरी वातावरण से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। पार्क का विशाल भूभाग सोच-समझकर डिजाइन किया गया है और इसे विभिन्न पारंपरिक कलाकृतियों से सजाया गया है, जो आध्यात्मिक अनुभव के लिए एक शांत वातावरण का निर्माण करता है। यदि कभी यहां से गुजरें तो मोहन शक्तिपीठ हैरिटेज पार्क आपके रुकने के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।




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