संदेश

ये दाल टिक्कड़ है

है न, सब कुछ असाधारण, अविस्मरणीय और अविश्वसनीय..!!

बापू की कहानी,पत्थरों की जुबानी..!!

अब ये पैसे फिर चलन में आ रहे हैं

तेरा ज़िक्र है या इत्र है...महकता हूँ,बहकता हूँ...!!

किसको फुर्सत मुड़कर देखे बौर आम पर कब आता है..

कुछ मीठा हो जाए

रूप से ज्यादा गुणों की खान हैं ये विलायती मेमसाहब

हम बड़ी ई वाले हैं...वाकई ई तो बड़ी ही है

जापान में लियोनार्डो दा विंची से मुलाकात....!!!!