किरदार में जीता एक उम्दा कलाकार
रोहिताश्व गौड़ किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। ‘भाबीजी घर पर हैं’ के मनमोहन तिवारी और ‘लापतागंज’ के मुकुंदीलाल गुप्ता के उनके किरदारों ने उन्हें घर घर में लोकप्रिय बना दिया है। रोहिताश्व गौड़ की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वे हर भूमिका में जान फूंक देते हैं। वे हिंदी रंगमंच और टेलीविजन की उस परंपरा के प्रतिनिधि कलाकार हैं जिन्होंने अभिनय को केवल लोकप्रियता का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के साधारण पात्रों को असाधारण ढंग से प्रस्तुत करने की कला बनाया है। लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाबीजी घर पर हैं’ में निभाया गया उनका चरित्र केवल हास्य नहीं रचता, बल्कि छोटे शहरों की मानसिकता, महत्वाकांक्षा और घरेलू जीवन की विडंबनाओं को भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में सामने लाता है। उनकी कॉमेडी में शोर नहीं, बल्कि अवलोकन की सूक्ष्मता दिखाई देती है। रोहिताश्व गौड़ की खासियत है कि वे अपने पात्रों में अभिनय करते हुए दिखाई नहीं देते, बल्कि उनमें घुल मिल जाते हैं। चाहे व्यंग्य हो, हास्य हो या आम भारतीय परिवारों के बीच का सहज संवाद, रोहिताश्व अपने चेहरे के भाव, संवाद की लय और देहभाषा से पात्र को विश्वसनीय बना देते हैं। धाराव...