शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

अलविदा विकल्प शुक्ला… इतनी जल्दी क्या थी विदाई लेने की !


कुछ लोग सिर्फ अपने पद और काम से नहीं, बल्कि अपने सहज व्यवहार, मिलनसार स्वभाव और आत्मीयता से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। मेरे मित्र,सहयोगी,सीनियर और सलाहकार विकल्प जी ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी थे। अभी पखवाड़े भर पहले ही हमने रेडियो पर कुछ नए प्रोजेक्ट को लेकर घंटे भर चर्चा की थी और आप,मैं, मानस और योगेश भाई के साथ एक्सक्लुसिव ग्रुप भी बनाया था..अब वह कोना सूना रहेगा।

आकाशवाणी रायपुर में उपनिदेशक और भारतीय सूचना सेवा के 1993 बैच के अधिकारी विकल्प शुक्ला के असमय निधन की खबर मन को गहरे तक उदास कर गई। अभी तो बहुत कुछ कहना-सुनना बाकी था, बहुत सी मुलाकातें बाकी थीं। लेकिन जिंदगी कभी-कभी बिना कोई मौका दिए ऐसा विराम लगा देती है, जिसे स्वीकार करना बेहद कठिन होता है।

दिल का दौरा कितना निर्मम होता है! पीठ में दर्द की शिकायत से शुरू हुई परेशानी ने देखते ही देखते एक हंसते-मुस्कुराते, ऊर्जावान इंसान को हमसे छीन लिया। यह विश्वास करना मुश्किल है कि जो व्यक्ति कल तक अपने काम और अपनी सहज उपस्थिति से आसपास के माहौल को जीवंत बनाए हुए था, वह आज हमारे बीच नहीं है।

दिल्ली से भोपाल और फिर रायपुर तक फैली उनकी सेवायात्रा में अनेक साथी जुड़े। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की विभिन्न मीडिया इकाइयों मसलन पीआईबी, दूरदर्शन और आकाशवाणी में काम करते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 

छत्तीसगढ़ के मीडिया जगत में उनका परिचय केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे सहयोगी के रूप में था, जिनसे सहजता से बात की जा सकती थी और जिन पर भरोसा किया जा सकता था। वे संभवतः हमारी सेवा के इकलौते अधिकारी थे जो प्रतिष्ठित कौन बनेगा करोड़पति (KBC) जैसे ज्ञान मंच तक पहुंचे।

लेकिन आज सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि उनके जाने से एक परिवार की दुनिया उजड़ गई। भाभी और दो बेटियों के लिए यह क्षति शब्दों से परे है। जिस पिता और जीवनसाथी का साथ जीवन के हर मोड़ पर संबल बनता है, उसका अचानक छूट जाना कितना असहनीय होता है, इसे महसूस भर किया जा सकता है।

विकल्प जी, आपका यूं चले जाना बहुत अखरता है। सरकारी सेवा में पद और जिम्मेदारियां पीछे छूट जाती हैं, लेकिन इंसान का व्यवहार, उसकी आत्मीयता और लोगों के जीवन में छोड़ी गई यादें हमेशा जीवित रहती हैं।

विकल्प जी, कुछ विदाइयां ऐसी होती हैं, जिन्हें शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और कुछ रिक्तताएं ऐसी होती हैं, जिन्हें समय भी नहीं भर पाता। आपका यूं अचानक चले जाना एक ऐसी ही अपूरणीय क्षति है।

आपकी स्मृतियां, आपका सहज व्यवहार और आपकी आत्मीयता उन सभी के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी, जिन्हें आपके साथ काम करने और आपको जानने का अवसर मिला।

ईश्वर आपकी पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और आपके परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

आपकी स्मृतियां हमारे बीच रहेंगी।

🙏💐



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